Sunday, 1 March 2015

भगवान शिव को चावल चढ़ाने से दूर होती हैं पैसों की समस्या:

भगवान शिव को चावल चढ़ाने से दूर होती हैं पैसों की समस्या:

 चावल चढ़ाने से दूर होती हैं पैसों की समस्या, क्योंकि...
चावल को अक्षत भी कहा जाता है और अक्षत का अर्थ होता है जो टूटा न हो। इसका रंग सफेद होता है। पूजन में अक्षत का उपयोग अनिवार्य है।
किसी भी पूजन के समय गुलाल, हल्दी, अबीर और कुंकुम अर्पित करने के बाद अक्षत चढ़ाए जाते हैं। अक्षत न हो तो पूजा पूर्ण नहीं मानी जाती। शास्त्रों के अनुसार पूजन कर्म में चावल का काफी महत्व रहता है।

देवी-देवता को तो इसे समर्पित किया ही जाता है साथ ही किसी व्यक्ति को जब तिलक लगाया जाता है तब भी अक्षत का उपयोग किया जाता है। भोजन में भी चावल का उपयोग किया जाता है। कुंकुम, गुलाल, अबीर और हल्दी की तरह चावल में कोई विशिष्ट सुगंध नहीं होती और न ही इसका विशेष रंग होता है। अत: मन में यह जिज्ञासा उठती है कि पूजन में अक्षत का उपयोग क्यों किया जाता है? दरअसल अक्षत पूर्णता का प्रतीक है। अर्थात यह टूटा हुआ नहीं होता है। इसलिए पूजा में अक्षत चढ़ाने का अभिप्राय यह है कि हमारा पूजन अक्षत की तरह पूर्ण हो। अन्न में श्रेष्ठ होने के कारण भगवान को चढ़ाते समय यह भाव रहता है कि जो कुछ भी अन्न हमें प्राप्त होता है वह भगवान की कृपा से ही मिलता है।
अत:हमारे अंदर यह भावना भी बनी रहे। इसका सफेद रंग शांति का प्रतीक है। अत: हमारे प्रत्येक कार्य की पूर्णता ऐसी हो कि उसका फल हमें शांति प्रदान करे। इसीलिए पूजन में अक्षत एक अनिवार्य सामग्री है ताकि ये भाव हमारे अंदर हमेशा बने रहें।
जय शिव
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Friday, 27 February 2015

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शिव कृपा केन्द्र

Sunday, 2 November 2014

मनचाहे वरदान के लिए श्रावण में करें विशेष शिवलिंग की पूजन



मनचाहे वरदान के लिए श्रावण में करें विशेष शिवलिंग की पूजन
श्रावण में विभिन्न प्रकार के शिवलिंगों के पूजन का विशेष महत्व बताया गया है। माना जाता है कि विशेष प्रकार के इन शिवलिंगों का अलग-अलग माहात्म्य और प्रभाव होता है। शिव साधकों द्वारा विशेष प्रयोजन को सिद्ध करने के लिए भी विभिन्न शिवलिंग बनाए और पूजे जाते हैं।
* कस्तूरी और चंदन से बने शिवलिंग के रुद्राभिषेक से शिव सायुज्य प्राप्त होता है।
* फूलों से बनाए गए शिवलिंग के पूजन से भू-संपत्ति प्राप्त होती है।
* संतान की इच्छा के लिए जौ, गेहूं, चावल तीनों का आटा समान भाग मिलाकर शिवलिंग बनाया जाता है। इसकी पूजा से स्वास्थ्य, धनश्री और संतान प्राप्ति होती है।
* रोग लाभ के लिए मिश्री से बनाए हुए शिवलिंग की पूजा रोग से छुटकारा देती है।
* सुख-शांति की प्राप्ति के लिए चीनी की चाशनी से बने शिवलिंग का पूजन होता है।
* बांस के अंकुर को शिवलिंग के समान काटकर पूजन करने से वंशवृद्धि होती है।
* दही को कपड़े में बांधकर निचोड़ देने के पश्चात उसमें जो शिवलिंग बनता है उसका पूजन लक्ष्मी और सुख प्रदान करने वाला होता है।
* खेती में अधिक उपज के लिए गुड़ में अन्न चिपकाकर शिवलिंग बनाकर पूजा करने से कृषि उत्पादन अधिक होता है।
* किसी भी फल को शिवलिंग के समान रखकर उसका रुद्राभिषेक करने से बगीचे में अधिक फल उत्पादन होता है।
* आंवले को पीसकर बनाए गए शिवलिंग का रुद्राभिषेक मुक्ति प्रदाता होता है।
* रूप और सौभाग्य के लिए स्त्रियों को मक्खन को अथवा वृक्षों के पत्तों को पीसकर बनाए गए शिवलिंग का रुद्राभिषेक करना श्रेयस्कर होता है।
* दूर्वा को शिवलिंगाकार गूंथकर उसकी पूजा करने से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है।
* कपूर से बने शिवलिंग का पूजन भक्ति और मुक्ति देता है।
* स्वर्ण निर्मित शिवलिंग का रुद्राभिषेक समृद्धि का वर्धन करता है।
* चांदी के शिवलिंग का रुद्राभिषेक धन-धान्य बढ़ाता है।
* शत्रुओं के दमन और विजय प्राप्ति के लिए लहसुनिया शिवलिंग का रुद्राभिषेक करते हैं।
* पीतल के शिवलिंग का रुद्राभिषेक दरिद्रता का निवारण करता है।
* पारे से बने शिवलिंग का पूजन सर्व कामप्रद, मोक्षप्रद, शिवस्वरूप बनाने वाला होता है। साथ ही ऐसे शिवलिंग का पूजन इन समस्त पापों का नाश कर संसार के संपूर्ण सुख एवं मोक्ष देता है।

Sunday, 11 May 2014

सायंकाल के वक्त देवालय पर दीपक लगाएं-

सायंकाल के वक्त यह मंत्र बोल घर के देवालय या पवित्र स्थान अथवा शिवालय
पर अक्षत यानी पूरे चावल पर रख
माता लक्ष्मी या देव स्मरण कर दीपक
लगाएं-

दीपो ज्योति: परं ब्रह्म...
दीपो ज्योतिर्जनार्दन:।
दीपो हरतु मे पापं सांध्यदीप नमोस्तुते।।

Friday, 9 May 2014



"ॐ मृत्यूंजाय, रूद्राय, नीलकंठाय, संभवे। अमृतेशाय सर्वाय महादेवाय ते नम:॥
हे रूद्र! आप मृत्यू को जितने वाले हैं। हे नीलकण्ठ आप अमृत सदृश्य सभी को सुख प्रदान करने वाले हैं। हे महादेव आपको नमस्कार।”

Tuesday, 22 April 2014

अनोखा उपाय- चमक उठेगी आपकी किस्मत,

अनोखा उपाय- चमक उठेगी आपकी किस्मत,

क्या आपके व्यवसाय में धन हानि अधिक हो रही है?
क्या आपके घर-परिवार में परेशानियों की वजह से रिश्तों में दरार पड़ गई है?
क्या आपके बच्चों को बीमारियां सताती रहती हैं?
क्या भाग्य आपका साथ नहीं दे रहा है?


यदि इस प्रकार के प्रश्नों से आप परेशान हैं तो यहां एक सटीक उपाय  हम आपको बताते हैं पर आप उसे यदि पूर्ण विश्वास से करेंगे तो आपकी सभी परेशानियां गायब हो जाएंगी।

जीवन से जुड़ी किसी भी प्रकार की समस्या को दूर करने के लिए शिव आराधना श्रेष्ठ उपाय है।

प्रतिदिन शिवजी का विधि-विधान से पूजन करें।
यदि विधिवत पूजन करने में असमर्थ हैं तो प्रतिदिन एक लौटे में शुद्ध जल भरें और उसमें थोड़े काले तिल डाल दें। अब इस जल को शिवलिंग पर “ऊँ नम: शिवाय” मंत्र जप के साथ चढ़ाएं। ध्यान रहे जल पतली धार से चढ़ाएं और मंत्र का जप करते रहें। इसके साथ ही महामृत्युंजय मंत्र का जप बेहद फायदेमंद रहता है।
ऐसा प्रतिदिन करें। ब्रह्ममुहूर्त में उठकर नित्यकर्म से निवृत्त होकर पवित्र हो जाएं फिर किसी भी सिद्ध शिव मंदिर में जाएं। जल चढ़ाने के साथ पुष्प और बिल्व पत्र भी चढ़ाएं तो उत्तम होगा।

इस उपाय को अपनाने से कुछ ही दिनों में चमत्कारिक फल की प्राप्ति होने लगेगी। ध्यान रहे इस उपाय के साथ ही अधार्मिक कर्मों से खुद को दूर रखें। किसी का दिल न दुखाएं और वृद्धजनों का सम्मान करें।



जय शिव



Sunday, 20 April 2014

पूजा या मंत्र जाप कहाँ करे ?..



पूजा या मंत्र जाप कहाँ करे ?..
 
पूजा या मंत्र जाप के लिए हमारे वेदों में और शिव पूराण में कहा गया है की --
१- घर में पूजा या जाप करने से १ गुना फल मिलता है .
२- गाय या गौशाला के पास करने से सौ गुना फल मिलता है .
३-पवित्र वन ,बगीचे तीर्थ स्थान में करने से हजार गुना फल मिलता है .
४- पर्वत पर दस हजार गुना फल मिलता है .
५- पवित्र नदियों के तट पर करने से कई लाख गुना फल मिलता है .
६-देवालय में करने से करोड़ गुना फल मिलता है .
७- शिव मंदिर में पूजा-
पाठ करने से अनंत गुना फल मिलता है .